– न्यायाधीश ने लगाया एक-एक लाख रूपए का जुर्माना
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फतेहपुर(CNF)। साक्ष्य छिपाने के लिए सिर धड़ से अलग कर हत्या करने के आरोप की सुनवाई करते हुए विद्वान न्यायाधीश ने पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए एक-एक लाख रूपए के जुर्माना लगाया है।
बताते चलें कि 25 फरवरी 2024 को रात दस बजे नरेन्द्र सिंह निहालपुर इब्राहीमपुर थाना सुल्तानपुर घोष से बिना बताए चला गया था। ये हाल में ही सूरत में छुट्टियों पर आया था। 27 फरवरी 2024 को थाना सुल्तानपुर घोष के अंतर्गत महन्ना के जंगल में सिर कटी लाश मिली। परिवार वालों को जानकारी हुई तो उस लाश की पहचान नरेन्द्र सिंह के रूप में हुई। हाथ व गले में बने टैटू व कपड़ों से पहचान हुई। भाई जितेन्द्र सिंह ने अज्ञात में एफआईआर कराई। दौरान विवेचना खुलासा हुआ कि बगल के गांव सेमौरी कटियापर के बृजेश पटेल व उसके पुत्र ने बेटी से अवैध संबंधों के शक में अपने घर बुलाकर कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। सिर काटकर दूर फेंक आए कि लाश की पहचान न हो सके परन्तु डीएनए रिपोर्ट में सिर व धड़ एक ही व्यक्ति का होना व वादी जितेन्द्र से मेल खाने से सारी कहानी स्पष्ट हो गई। अभियोजन की ओर से प्राइवेट वरिष्ठ अधिवक्ता सै0 नाजिश रजा एडवोकेट ने पैरवी की। एएसजे एफटीसी कोर्ट नं0 2 अजय कुमार ने दोनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास व एक-एक लाख रूपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई। वादी जितेन्द्र ने कहा कि ये न्याय की जीत है। कहा कि अधिवक्ता सै0 नाजिश रजा की कड़ी मेहनत से ये संभव हो पाया है।
