दिल्ली में हाल ही में हुए प्रदर्शन और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने गिरफ्तार किए गए छात्रों और युवाओं को तुरंत रिहा करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग से इस्तीफा देने को कहा।
बीजेपी अपना दफ्तर चुनाव आयोग में ही खोल ले
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग बीजेपी के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “कौन नहीं जानता कि इलेक्शन कमीशन बेईमान है? कौन नहीं जानता कि इलेक्शन कमीशन झूठ बोलता है? कौन नहीं जानता कि इलेक्शन कमीशन बीजेपी के लिए काम कर रहा है?” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी को अपना कार्यालय चुनाव आयोग के दफ्तर में ही खोल लेना चाहिए और वहीं से पार्टी चलानी चाहिए।
यूपी में फॉर्म-7 को लेकर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर गलत फॉर्म-7 भरे जाने के मामलों पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का काम मतदाता सूची में लोगों के नाम जोड़ना है, लेकिन आरोप है कि आयोग नाम जोड़ने के बजाय वोटरों के नाम काट रहा है।
प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार पर जताई नाराजगी
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कथित सख्ती को लेकर अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ ऐसा व्यवहार करने वाले लोग हिटलर से सीखकर आए हैं। उन्होंने कहा कि हिटलर के सैनिक भी दूसरे राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ इसी तरह का व्यवहार करते थे।
अखिलेश ने प्रदर्शन के दौरान लड़कियों के साथ गलत व्यवहार किए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल बताए जा रहे लोग उत्तर प्रदेश के हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी खबरें हैं कि वे गाजियाबाद के रहने वाले हैं।
कमजोर सरकार अन्याय करती है
अखिलेश यादव ने गिरफ्तार छात्रों और युवाओं को रिहा करने की अपील करते हुए कहा कि जिस सरकार को सत्ता जाने का डर होता है, वह अन्याय करती है। उन्होंने दावा किया कि साल 2027 में उत्तर प्रदेश की जनता बीजेपी को रोकेगी। अखिलेश ने एक बार फिर चुनाव आयोग से इस्तीफे की मांग की और गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की अपील की।
