समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग भेदभाव करते हैं, झूठ बोलते हैं और समाज में नफरत फैलाकर लोगों को बांटते हैं, वे सनातनी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि सनातन की भावना सबको साथ लेकर चलने और किसी से भेदभाव नहीं करने में निहित है। यादव ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘सूरज सनातनी है।
हवा किसी से भेदभाव नहीं करती। जो भेदभाव करते हैं, सच नहीं बोलते, दूसरों से प्रेम नहीं करते और लोगों को बांटते हैं, वे सनातनी नहीं हो सकते।’’ उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि धरती पर रहने वाले सभी लोग एक परिवार का हिस्सा हैं और इससे अलग विचार रखने वाले लोग इस अवधारणा का केवल दिखावा करते हैं। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा बेईमानी, अनियमितताओं और हेराफेरी के बिना चुनाव नहीं जीत सकती।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विशेषकर बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) और जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) पर चुनाव वाले क्षेत्रों में लोगों को धमकाने का आरोप लगाया। यादव ने कहा कि ये अधिकारी फोन कॉल के जरिए लोगों पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की अपील की और अधिकारियों को निष्पक्षता से काम करने की नसीहत दी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं की तरह काम करने वाले अधिकारियों को जवाबदेही के लिए तैयार रहना चाहिए। यादव ने दावा किया कि अधिकारियों के खिलाफ जुटाए जा रहे साक्ष्य पर्याप्त हो सकते हैं और सपा के सत्ता में आने पर कथित अनियमितताओं के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब आम लोगों को मतदाता सूचियां आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, तो भाजपा नेताओं और मंत्रियों तक मतदाताओं के मोबाइल नंबर और अन्य आंकड़े कैसे पहुंच रहे हैं।
यादव ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को आवाज वाले संदेश भेजे जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन से ऐसे संदेशों को रिकॉर्ड कर सपा के साथ साझा करने की अपील की। पूर्व मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों के मुद्दे पर कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर उन्हें पूर्ण शिक्षक का दर्जा देने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने भाजपा सरकार पर शिक्षामित्रों के लिए अधूरी व्यवस्था करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार बनने पर शिक्षामित्रों को शिक्षक का दर्जा देने के लिए अलग बजट की व्यवस्था की जाएगी। यादव ने कहा कि मौजूदा शिक्षकों की नौकरियों को प्रभावित किए बिना शिक्षामित्रों को सरकारी सुविधाएं दिलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सपा आरक्षण, अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने में सक्षम है।
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने और पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्गों को शिक्षित एवं सशक्त बनने से रोकने का आरोप लगाया। यादव ने मतदाताओं से 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में सपा उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा को हटाने से ही संकट समाप्त होगा।
यादव ने रामपुर के प्रस्तावित दौरे और वरिष्ठ सपा नेता आजम खान के परिवार से मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर कहा कि भाजपा सरकार ने खान के परिवार के साथ अन्याय और भेदभाव किया है। उन्होंने कहा कि सपा उनके लिए न्याय की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।
