कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते युवा अधिवक्ता।
– राष्ट्रपति से घटना की सीबीआई जांच व दोषियों पर कठोर कार्रवाई की उठाई मांग
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में कथित अनियमितताओं तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को जिले के अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ता युवा शक्ति के बैनर तले दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि देशभर के छात्र लंबे समय से नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे थे। इसके बावजूद छात्रों की बात सुनने के बजाय उन पर कथित रूप से बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के विपरीत है। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, लाठीचार्ज हुआ, कपड़े तक फाड़े गए तथा कई छात्र घायल हुए। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई ने देशभर के युवाओं और छात्रों में आक्रोश पैदा किया है तथा शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास को भी प्रभावित किया है। ज्ञापन में कहा गया कि यदि छात्र अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात नहीं रख पाएंगे तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। ज्ञापन में मांग किया कि जंतर-मंतर की घटना की सर्वाेच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराई जाए, कथित लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों एवं घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, घायल छात्रों को समुचित उपचार एवं उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, नीट पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को कठोर दंड दिया जाए, शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्र संगठनों से संवाद स्थापित कर ठोस कदम उठाए जाएं।
अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि छात्रों के साथ न्याय नहीं हुआ और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी अपनी आवाज बुलंद की जाएगी। अधिवक्ताओं ने अंत में राष्ट्रपति से इस पूरे मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि देश के छात्रों का न्याय व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली पर विश्वास कायम रह सके। इस मौके पर अधिवक्ताओं में संयोजक बृजेन्द्र सिंह यादव, जगनायक सचान, गनेश तिवारी, श्रीराम पटेल, मो0 शाहजहां, अश्वनी कुमार, फैजान अहमद मून, जितेन्द्र शर्मा, प्रेमचन्द्र यादव, योगेश कुमार, देव प्रकाश उमराव, जसवीर सिंह, छविनाथ द्विवेदी, कमर उद्दीन, सतीश शर्मा, आसिफ, रंजीत कुमार मौर्य भी मौजूद रहे।
