पत्रकार वार्ता में घटना की जानकारी देते एएसपी ज्ञान प्रकाश राय।
– अमन ने भाई मनु को उकसाया, लाइसेंसी रिवाल्वर से सीने में मारी गोली
– 25-25 हजार के इनामी दोनों भाई लखनऊ से गिरफ्तार, चार अन्य की भूमिका की जांच
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। असनी गांव में शराब ठेके के बाहर मनीष दुबे की हत्या के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे दोनों इनामी भाइयों को गिरफ्तार कर घटना की तस्वीर साफ कर दी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे तत्काल हुए विवाद के साथ-साथ ट्रस्ट की जमीन को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश भी अहम कारण रही। पुलिस के मुताबिक अमन सिंह ने अपने भाई इंद्रेश विक्रम सिंह उर्फ मनु को मनीष को गोली मारने के लिए उकसाया, जिसके बाद मनु ने मां के नाम दर्ज लाइसेंसी रिवाल्वर से मनीष के सीने पर गोली चला दी। गंभीर हालत में मनीष को उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि हत्याकांड के बाद फरार चल रहे 25-25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त इंद्रेश विक्रम सिंह उर्फ मनु और अमन सिंह उर्फ अखिलेंद्र विक्रम सिंह को लखनऊ के निजामपुर मल्हौर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। दोनों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल फ्रॉन्क्स कार संख्या यूपी-32पीएच/4434 बरामद हुई है। दोनों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि असनी गांव में उनके ट्रस्ट की जमीन को लेकर मनीष पक्ष से लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। पुलिस के अनुसार श्री अश्वनी कुमार शिक्षा आश्रम ट्रस्ट की जमीन गांव में अलग-अलग स्थानों पर है। जमीन के एक हिस्से में पहले विद्यालय संचालित होता था, जो अब बंद है। इसी क्षेत्र में ग्रामीणों की ओर से मंदिर निर्माण तथा बाद में बोरिंग कर आरओ प्लांट लगाने के प्रयास को लेकर भी ट्रस्ट से जुड़े लोगों और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था। बाद में आपसी सहमति से मंदिर का निर्माण हो गया, लेकिन जमीन को लेकर दोनों पक्षों में पुरानी तनातनी बनी रही।
पुलिस का कहना है कि इसी पुरानी रंजिश ने शराब ठेके के विवाद को खूनी वारदात में बदल दिया। घटना के बाद दोनों भाई कार से मौके से निकल गए और हत्या में प्रयुक्त रिवाल्वर को भी छिपाने के लिए दूसरे लोगों को सौंप दिया। पुलिस अब हथियार बरामद करने के साथ ही फरारी में मदद करने वालों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक थाना थरियांव शमशेर बहादुर सिंह, प्रभारी सर्विलांस सेल सुनील कुमार सिंह मय टीम, उपनिरीक्षक बृजेश कुमार यादव थाना मलवां, उपनिरीक्षक सतीश कुमार थाना थरियांव, कांस्टेबल सचिन चौधरी थाना मलवां तथा कांस्टेबल अंकित यादव थाना थरियांव शामिल रहे।
वारदात के बाद रिवाल्वर पहुंचाई दूसरे के पास
मनीष को गोली मारने के बाद दोनों भाई अपनी फ्रॉन्क्स कार से लालगंज की ओर भागे। पुलिस के मुताबिक गंगागंज-गेगासो पहुंचने पर दोनों ने पंकज पांडेय को घटना की जानकारी दी और रिवाल्वर छिपाने के लिए उसे सौंप दिया। पूछताछ में पता चला कि बाद में यह रिवाल्वर आशुतोष तिवारी तक पहुंचाई गई। इसके बाद दोनों अपने मामा के बेटे आशुतोष सिंह उर्फ चेतन के पास पहुंचे और उसे भी पूरी घटना बताई। पुलिस के अनुसार चेतन ने दोनों को लखनऊ पहुंचाने में मदद की और वहां उन्हें संरक्षण दिया।
