शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली सरकार डेढ़ महीने के भीतर शहर में पेइंग गेस्ट (PG) अकोमोडेशन और कोचिंग संस्थानों को रेगुलेट करने के लिए एक व्यापक पॉलिसी और एक वेब पोर्टल लाएगी। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे, उसके कुछ दिनों बाद सूद ने PG में रहने वाले छात्रों से मुलाक़ात की और उनकी चिंताओं को समझा।
सूद ने कहा कि हम पहले से ही इस पर काम कर रहे थे, लेकिन इस दुखद घटना ने हमें गौबा कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने और एक पॉलिसी बनाने की प्रक्रिया तेज़ करने के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने बताया कि DU के साउथ कैंपस और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के तहत आने वाले प्रोफेशनल कॉलेजों के छात्रों को PG में रहने वालों के तौर पर अपनी चिंताएं बताने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि छात्रों ने किराया, PG चलाने वालों की तरफ से दी जाने वाली सुविधाएं, एग्रीमेंट लागू करने और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए।
सूद ने कहा कि सरकार एक ऐसे सिस्टम पर विचार कर रही है जिसके तहत PG अकोमोडेशन की जानकारी – जैसे कि उनकी उपलब्धता, सुविधाएं और सुरक्षा के नियम – एक कॉमन पोर्टल पर रजिस्टर की जा सकें। उन्होंने कहा कि PG बिल्डिंग किसी एक व्यक्ति की हो सकती है, उसे कोई और चला सकता है और पैसे कोई और ले सकता है। एग्रीमेंट को लागू करना और स्टूडेंट्स से किए गए वादों के मुताबिक सुविधाएं देना एक बड़ी चिंता का विषय है।
मंत्री ने कहा कि पॉलिसी को फाइनल करने से पहले सरकार PG मैनेजमेंट, माता-पिता, एजेंसियों, स्टूडेंट संगठनों और पानी और बिजली से जुड़े विभागों समेत अन्य स्टेकहोल्डर्स से सलाह-मशविरा करेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और लेफ्टिनेंट गवर्नर के साथ चर्चा की जाएगी और फिर इसे कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
