उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को घोषणा की कि पंचायत सहायकों का मासिक मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दिया जाएगा। राजभर ने कहा कि बढ़ी हुई राशि सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। मंत्री ने कहा कि उनकी सैलरी, जिसमें कभी-कभी छह से सात महीने की देरी हो जाती थी, अब समय पर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी। पंचायत सहायकों के विरोध-प्रदर्शन के बीच मंत्री मीडिया को संबोधित कर रहे थे।

हटाने की प्रक्रिया में बदलाव

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि उनकी मांगें जायज़ हैं और उन्हें हटाने की प्रक्रिया में बदलाव की घोषणा की। राजभर के अनुसार, अब कोई भी ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव पंचायत सहायक को मनमाने ढंग से उनके पद से नहीं हटा सकता। पंचायत सहायक को हटाने से पहले, DM की अध्यक्षता में बनी एक समिति जांच करेगी। सेवा समाप्त करने का निर्णय जांच के बाद ही लिया जाएगा।

मिलेंगी ये सुविधाएं

मंत्री के अनुसार पंचायत सहायकों को इलाज के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ मिलेगा। महिला पंचायत सहायकों को मैटरनिटी लीव (प्रसूति अवकाश) भी मिलेगी। अब मानदेय की राशि सीधे पंचायत सहायक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। पहले मानदेय ग्राम प्रधान के खाते में जमा होता था और सचिव व ग्राम प्रधान के संयुक्त हस्ताक्षर के बाद ही निकाला जा सकता था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पंचायत सहायकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। इस दौरान प्रशासनिक कार्रवाई के तहत हटाए गए पंचायत सहायकों को बहाल किया जाएगा।

पंचायत सहायकों की पाँच माँगें; लगभग चार पूरी हुईं

1. मानदेय बढ़ाकर 20,000–25,000 रुपये करना: सरकार ने मानदेय में 3,000 की बढ़ोतरी की।

2. पंचायत सहायकों को कॉन्ट्रैक्ट के बजाय स्थायी करना: सरकार ने अभी तक यह माँग नहीं मानी है।

3. मानदेय सीधे बैंक खातों में भेजना: सरकार ने यह माँग मान ली।

4. नौकरी से हटाने से पहले उचित जाँच करना: मान लिया गया।

5. विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मामले वापस लेना: सरकार ने यह माँग भी मान ली।

विरोध प्रदर्शन खत्म किया

पंचायत सहायक 7 सितंबर से लखनऊ के इको गार्डन में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार के फैसले के बारे में पता चलते ही पंचायत सहायकों ने खुशी जताई, अपना प्रदर्शन खत्म किया और अपने घरों को लौट गए। पंचायत सहायकों के विरोध-प्रदर्शन पर BSP प्रमुख मायावती ने कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए। अपना दल (कमेरावादी) की पल्लवी पटेल और सांसद चंद्रशेखर ने भी अपना समर्थन देने के लिए विरोध स्थल का दौरा किया। चंद्रशेखर ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हमारे भाई किसी की मांगें पूरी नहीं करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Call Now