प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर कई मोर्चों पर काम कर रही है। उन्होंने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए), कौशल विकास पहलों और दो करोड़ युवाओं को पहली बार औपचारिक कार्यबल में शामिल करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक लाख करोड़ रुपये की रोजगार प्रोत्साहन योजना का उल्लेख किया। ‘रोजगार मेला’ को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं की प्रतिभा और कौशल ने पूरी दुनिया का विश्वास जीता है और दुनिया को भारतीय नवोन्मेषकों, उद्यमियों तथा देश की युवा शक्ति से काफी उम्मीदें हैं।

मोदी ने कहा, ‘‘भारत ने 40 मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये एफटीए हमारे युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल रहे हैं। ऐसे व्यापार समझौते हमारे उद्यमियों के लिए नई साझेदारियों का रास्ता तैयार करते हैं, नए बाजारों तक पहुंच के अवसर देते हैं और युवाओं के लिए करियर की नई संभावनाएं पैदा करते हैं।’’ कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नियुक्त होने वाले 51,000 से अधिक नवनियुक्त युवाओं को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए।

हाल में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि भारत का प्रयास यह सुनिश्चित करना रहा है कि ब्रिक्स सहयोग केवल सरकारों तक सीमित न रहे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे उद्यमी, हमारे किसान, हमारी महिलाएं, हमारे युवा हर किसी को इस साझेदारी में सक्रिय भागीदार बनना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ और ‘ब्रिक्स एमएसएमई सहयोग पोर्टल’ जैसी पहलों का उद्देश्य उद्यमियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को ऐसी साझेदारियों से जोड़ना है। देश के स्टार्टअप परिवेश का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें भारत की युवा शक्ति दिखाई देती है और स्टार्टअप परिवेश अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य शहरों में भी इसका विस्तार हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेश है। भारत की स्टार्टअप की कहानी अब केवल बड़े शहरों की कहानी नहीं है। आज मान्यता प्राप्त करीब आधे स्टार्टअप दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में हैं।’’ मोदी ने दो करोड़ युवाओं को पहली बार औपचारिक कार्यबल में शामिल करने के उद्देश्य से एक लाख करोड़ रुपये की पहल ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाता है। साथ ही, नए रोजगार पैदा करने वाले नियोक्ताओं को भी वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार देश में रोजगार बढ़ाने के लिए हर मोर्चे पर काम कर रही है।’’ मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, कौशल भारत मिशन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना समेत सरकार की कौशल विकास पहलों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि उद्योग की भागीदारी से पीएम-सेतु योजना के तहत 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। मोदी ने कहा, ‘‘हमारा प्रयास है कि युवाओं की शिक्षा और कौशल बदलती अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप बने रहें।’’ उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के बढ़ने, निवेश में वृद्धि होने और नए उद्योगों के विस्तार से युवाओं के लिए अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर और निवेश में करीब 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी का उल्लेख किया।

उन्होंने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की संप्रभु ऋण रेटिंग में हुए सुधार को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले वर्षों में किए गए सुधारों का भारत की इस वृद्धि में बड़ा योगदान है।’’ मोदी ने कहा कि देश 2047 तक विकसित भारत बनाने के महत्वपूर्ण लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें आप जैसे युवाओं की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।

सरकार में सेवा करते हुए आपको ऐसा हर फैसला लेना चाहिए जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के अभियान को लगातार मजबूत करे। युवा होने के नाते आपकी विशेष जिम्मेदारी है, खासकर अन्य युवाओं के प्रति।’’ उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से अपने पदों का इस्तेमाल सरकार के साथ कामकाज के दौरान युवाओं के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘आपका प्रयास होना चाहिए कि जिन कठिनाइयों से आप गुजरे हैं, दूसरे युवाओं को उन कठिनाइयों से न गुजरना पड़े।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘नागरिक देवो भव:’ सार्वजनिक सेवा की मार्गदर्शक भावना होनी चाहिए।

देशभर में 45 स्थानों पर रोजगार मेले आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, नवनियुक्त उम्मीदवार केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में शामिल होंगे। इनमें राजस्व विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग और रक्षा मंत्रालय शामिल हैं।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि रोजगार मेला युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने तथा देश की विकास यात्रा में उनकी अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर सरकार के निरंतर ध्यान को दर्शाता है। बयान के अनुसार, 20वें रोजगार मेले तक विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।

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