फोटो परिचय- एसपी अभिमन्यु मांगलिक।
– 28 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान, साइबर थाने में लगेगा रोजाना कैंप
– 50 हजार रुपये तक की धनराशि की वापसी में कोर्ट आदेश की आवश्यकता नहीं, बड़ी रकम के लिए न्यायालय से रिलीज ऑर्डर जरूरी
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। ऑनलाइन ठगी के बाद समय रहते जिन लोगों की रकम पुलिस की मदद से संबंधित बैंक खातों में होल्ड करा दी गई है, उन्हें वापस दिलाने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी की है। साइबर सेल और साइबर थाना संयुक्त रूप से 28 सितंबर से 12 अक्टूबर तक अभियान चलाकर लंबित मामलों में कार्रवाई को गति देंगे।
अभियान के दौरान 1930 हेल्पलाइन तथा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के माध्यम से दर्ज शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। जिन मामलों में ठगी की रकम किसी खाते में होल्ड मिली है, उनकी स्थिति की जानकारी पीड़ितों को उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही रकम वापस कराने के लिए आवश्यक कानूनी और बैंकिंग प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के अनुसार साइबर ठगी के ऐसे पीड़ित, जिनकी शिकायत के बाद धनराशि होल्ड हुई है, वे साइबर थाना पहुंचकर अपने मामले की स्थिति जान सकते हैं। इसके लिए साइबर थाना परिसर में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक विशेष कैंप आयोजित किया जाएगा। कैंप में संबंधित शिकायत की जानकारी जुटाने के साथ धनराशि रिलीज कराने की प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक 50 हजार रुपये से कम होल्ड धनराशि वाले मामलों में एमआरएम पोर्टल के माध्यम से बैंक और पुलिस रिपोर्ट के समन्वय से रकम पीड़ित के खाते में वापस कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ऐसे मामलों में न्यायालय के रिलीज आदेश की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं 50 हजार रुपये से अधिक की रकम के लिए न्यायालय से रिलीज ऑर्डर प्राप्त करना जरूरी होगा।
बड़ी रकम वाले मामलों में पीड़ितों को विधिक सहायता और आवश्यक परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस न्यायालय से समन्वय कर रिलीज ऑर्डर की प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास करेगी। इसके अलावा जिन प्रकरणों में न्यायालय पहले ही रकम रिलीज करने का आदेश दे चुका है, उनमें संबंधित बैंक शाखा और बैंक प्रबंधक से संपर्क कर धनराशि को पीड़ित के खाते में वापस कराने की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने साइबर अपराध के पीड़ितों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान साइबर थाना पहुंचकर अपनी शिकायत और होल्ड धनराशि की स्थिति की जानकारी लें। पुलिस का लक्ष्य है कि जिन मामलों में ठगी की रकम समय रहते रोकी जा चुकी है, उनमें जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर धनराशि को जल्द उसके वास्तविक हकदार तक पहुंचाया जाए।
