फोटो परिचय- (4) बारिश के बाद ढहे कच्चे मकान का दृश्य।

– तड़के हादसे में मलबे में दबे दो सगे भाई, ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया

– मवेशियों को चारा डालने के लिए बाहर निकली थी मां, कुछ देर बाद ढह गया मकान

– आवास योजना का लाभ नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, जांच की मांग

CITY NEWS FATEHPUR

खागा, फतेहपुर(CNF)। लगातार हो रही बारिश ने गोपालपुर गांव में एक परिवार की खुशियां छीन लीं। शनिवार भोर करीब चार बजे कमजोर हो चुका कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा। कमरे में सो रहे दो मासूम भाई मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद मची चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े और काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने आठ वर्षीय आनंद सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसके 11 वर्षीय भाई गुड्डू सिंह की हालत गंभीर बताई गई है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।

ऐरायां विकासखंड के गोपालपुर गांव निवासी रावेंद्र सिंह रोजी-रोटी के लिए गुजरात के सूरत में मजदूरी करते हैं। गांव में उनकी पत्नी नीतू सिंह दोनों बेटों गुड्डू और आनंद के साथ कच्चे मकान में रहती हैं। कई दिनों से लगातार बारिश होने के कारण मकान की मिट्टी की दीवारों और छत में नमी आ गई थी। शनिवार सुबह नीतू दोनों बच्चों को कमरे में सोता छोड़कर मवेशियों को चारा देने बाहर चली गईं। इसी दौरान कुछ ही देर में मकान की छत और दीवार का हिस्सा अचानक भरभरा गया।

तेज आवाज के साथ मकान गिरने से दोनों बच्चे मलबे में दब गए। नीतू की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने मिट्टी और मलबा हटाकर दोनों भाइयों को बाहर निकाला। परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने आनंद को मृत घोषित कर दिया। वहीं गुड्डू की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया।

आनंद गांव के परिषदीय विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था। मासूम की मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पिता के बाहर मजदूरी करने के कारण परिवार पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा था। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।

आवास के लिए आवेदन के बावजूद नहीं मिला लाभ

हादसे के बाद ग्रामीणों ने परिवार की आवास संबंधी स्थिति को लेकर सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और कच्चे मकान में रहने के बावजूद उसे आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने संबंधित लेखपाल की भूमिका की जांच कराने और पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।

राजस्व टीम ने शुरू किया नुकसान का आकलन

घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम अश्वनी पांडेय ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि राजस्व टीम को मौके पर भेजकर मकान गिरने से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Call Now