कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी के आवास पर पहुंचीं। यह बैठक विपक्ष की एकता को मजबूत करने के मकसद से ‘हाई-टी’ (चाय-नाश्ते) के तौर पर आयोजित की गई थी। राहुल गांधी द्वारा आयोजित इस बैठक में राजनीतिक जगत के कई अहम लोग शामिल हुए। विपक्ष के नेता ने INDIA गठबंधन के बड़े नेताओं, विपक्ष के कई सांसदों और प्रमुख छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया था। इस बैठक को विपक्षी गुट की एक रणनीतिक चाल के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका मकसद अपनी स्थिति मजबूत करना और आने वाले संसदीय सत्रों के लिए एक साझा कार्ययोजना पर चर्चा करना है। चूंकि कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार के खिलाफ़ कई मुद्दों पर अपना विरोध तेज़ कर रही है, इसलिए इस बैठक को राष्ट्रीय मामलों पर विपक्ष का रुख तय करने और उसमें तालमेल बिठाने के लिए एक अहम मंच माना जा रहा है।

सोनिया गांधी समेत सीनियर नेताओं की मौजूदगी, विपक्ष की रणनीति को बेहतर बनाने और मौजूदा राजनीतिक माहौल से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा करने के मकसद से हो रही बातचीत की अहमियत को दिखाती है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के घर पर ‘हाई टी’ मीटिंग के लिए पहुंचे। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी वाड्रा भी लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के घर पर ‘हाई टी’ मीटिंग के लिए पहुंचे। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों और छात्र संगठनों के नेताओं को चाय पर अपने घर बुलाया है। इससे पहले, मंगलवार को कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा अपने घर पर आयोजित ‘हाई टी’ से पहले सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। मीटिंग और पार्टी की भविष्य की रणनीति के बारे में एएनआई से बात करते हुए श्रीनेत ने कहा कि राहुल-जी के साथ, किसी भी चीज़ के लिए तैयार रहना चाहिए। मुझे नहीं पता कि आगे क्या होगा, लेकिन चूंकि यह राहुल-जी हैं, इसलिए हम कभी नहीं जानते कि वह कब मार्च करने का फैसला कर लें।

कांग्रेस नेता ने ज़ोर देकर कहा कि पार्टी के हालिया और जारी विरोध मार्च, लोकतांत्रिक जनादेश की “चोरी” के खिलाफ़ एक बड़े और लगातार चल रहे अभियान का हिस्सा हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके आंदोलन की तेज़ी सरकार को अपना रुख बदलने पर मजबूर कर देगी। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि कल हमने जिस तरह का मार्च किया और हम लगातार जो मार्च कर रहे हैं, साथ ही जिस तरह से हम चोरी के खिलाफ़ यह आंदोलन और अभियान चला रहे हैं उससे सोई हुई सरकार को जागना चाहिए और उन्हें ऐसी बुरी गतिविधियों को रोकने के लिए मजबूर होना चाहिए।

 

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