– जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय आरोपियों की खोली गई हिस्ट्रीशीट
– चोरी, लूट, फिरौती के लिए अपहरण और कब्जे से जुड़े मामलों में निगरानी होगी तेज
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जिले में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने दस आरोपियों के खिलाफ निगरानी की कार्रवाई शुरू की है। चोरी, लूट, फिरौती के लिए अपहरण और कब्जे से जुड़े मामलों में संलिप्त इन आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। पुलिस के अनुसार, संबंधित आरोपियों के खिलाफ फतेहपुर सहित अन्य जनपदों के विभिन्न थानों में कुल 67 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब पुलिस उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी।
पुलिस कार्यालय से जारी जानकारी के मुताबिक, अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के अभियान के तहत यह कदम उठाया गया है। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के चंदनापुर निवासी शिवा उर्फ अविनाश (22) पुत्र रामबाबू के खिलाफ गैंगस्टर और फिरौती के लिए अपहरण से संबंधित तीन मुकदमे दर्ज हैं। इसी थाना क्षेत्र के मकदूमपुर मजरे गोवर्धनपुर निवासी फूलचंद्र मौर्य (45) पुत्र स्व. सुंदरलाल मौर्य पर चोरी और लूट के नौ मुकदमे दर्ज हैं।
राधानगर थाना क्षेत्र के मदनपुर मजरे रारा निवासी रवि गुप्ता (38) पुत्र रघुनाथ गुप्ता के खिलाफ चोरी और कब्जे से जुड़े नौ मुकदमे दर्ज हैं। इसी थाना क्षेत्र के गाजीपुर रोड निवासी भास्कर सोनी उर्फ गोलू (42) पुत्र जयराम सोनी पर चोरी के तीन मुकदमे, जबकि विनोवानगर निवासी दीप (31) पुत्र अमृतलाल के खिलाफ चोरी के चार मुकदमे दर्ज हैं।
कल्यानपुर थाना क्षेत्र के रेवाड़ी बुजुर्ग निवासी सुरेश कुमार (57) पुत्र स्व. रामकुमार पर चोरी के पांच मुकदमे दर्ज हैं। इसी गांव के मुलेशान (32) पुत्र मोहम्मद शफीक के खिलाफ चोरी और कब्जे से संबंधित सात मुकदमे दर्ज हैं। धाता थाना क्षेत्र के केटई गांव निवासी गया प्रसाद (46) पुत्र कृष्णा नंद पर चोरी के पांच मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं, खखरेरू थाना क्षेत्र के बरहटा गांव निवासी सलमान (26) पुत्र सलीम अहमद के खिलाफ चोरी के 12 मुकदमे दर्ज हैं। बकेवर थाना क्षेत्र के जरारा गांव निवासी छोटे लाल कुरी उर्फ छोटे कुरी उर्फ रविशंकर (34) पुत्र भोला प्रसाद पर चोरी के दस मुकदमे दर्ज हैं।
एसपी के निर्देश पर बढ़ाई गई निगरानी
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर खोली गई हिस्ट्रीशीट के माध्यम से संबंधित आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। पुलिस का उद्देश्य आपराधिक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना, अपराधियों की सक्रियता पर अंकुश लगाना और जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।
