आम आदमी पार्टी के लिए इस समय संकट के बादल गहरा गए हैं। पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों, जिनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं, ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस बड़े सियासी घटनाक्रम के बाद मुंबई में आप कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है।
राघव चड्ढा के आवास के बाहर प्रदर्शन
सांसदों के पाला बदलने से नाराज आप कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के मुंबई स्थित आवास के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का मानना है कि पार्टी के प्रमुख नेताओं का इस तरह साथ छोड़ना समर्थकों के साथ विश्वासघात है। प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के इस फैसले पर नाराजगी जताई और उनसे दोबारा सोचने की अपील की।
सांसदों का पक्ष
दूसरी तरफ, पार्टी छोड़ने वाले इन नेताओं का कहना है कि उन्होंने यह फैसला मजबूरी में और सोच-समझकर लिया है। नेताओं का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी अपने उन शुरुआती सिद्धांतों और मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिन पर पार्टी की नींव रखी गई थी। उनका तर्क है कि अब वे नई पार्टी में रहकर जनता के लिए बेहतर तरीके से काम कर पाएंगे।
आप के लिए चुनौतीपूर्ण समय
यह घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के आंतरिक संकट को दर्शाता है। एक साथ सात राज्यसभा सांसदों का इस्तीफा पार्टी के संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वर्तमान में पार्टी के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इस टूट ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में पार्टी इस स्थिति से कैसे उबरती है।
