एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड समेत एक दर्जन से अधिक म्यूचुअल फंड कंपनियों ने अपने गोल्ड फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) में नए निवेश पर शुक्रवार से अस्थायी रोक लगा दी। गोल्ड एफओएफ ऐसी योजनाएं होती हैं जो भौतिक सोना खरीदने के बजाय गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश करती हैं। संबंधित म्यूचुअल फंड कंपनियों की तरफ से जारी सूचनाओं के मुताबिक, यह प्रतिबंध नए एकमुश्त निवेश, स्विच-इन लेनदेन और व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) तथा व्यवस्थित हस्तांतरण योजना (एसटीपी) के नए पंजीकरण सहित अन्य माध्यमों से आने वाले निवेश पर लागू होगा।
यह रोक अगले आदेश तक लागू रहेगी। इसके साथ, कुछ कंपनियों ने गोल्ड-सिल्वर एफओएफ में भी नए निवेश पर रोक लगा दी है। यह कदम त्योहारों से ठीक पहले उठाया गया है, जब धनतेरस और दिवाली पर सोने की खरीदारी बढ़ती है।
बाजार के जानकारों के मुताबिक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशों के बाद म्यूचुअल फंड कंपनियों ने यह कदम उठाया है। हालांकि, कंपनियों की तरफ से जारी नोटिस में रोक के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। इस रोक के बावजूद, निवेशक अपनी मौजूदा इकाइयों को भुना सकेंगे।
वहीं, पहले से पंजीकृत एसआईपी और अन्य पात्र नियमित निवेश योजनाओं की किस्तों का लेनदेन भी जारी रहेगा। नए निवेश पर रोक लगाने वाली कंपनियों में एसबीआई, टाटा, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एचडीएफसी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, जेरोधा, ग्रो, एक्सिस, एचएसबीसी, डीएसपी, इन्वेस्को, निप्पॉन इंडिया, क्वांटम, मिराए एसेट, एलआईसी, यूटीआई और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड शामिल हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड ईटीएफ में सितंबर में 4,450 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जबकि अगस्त में यह आंकड़ा 2,597 करोड़ रुपये था।
