केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहने की कड़ी आलोचना की और खरगे की इस भाषा का कारण राहुल गांधी के नकारात्मक प्रभाव को बताया। एक चुनावी रैली में बोलते हुए शाह ने कहा कि जिस नरेंद्र मोदी जी ने आतंकवाद का खात्मा किया, उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आतंकवादी कह रहे हैं। राहुल बाबा के आसपास रहने से खरगे जी की भाषा भी बिगड़ने लगी है।
राहुल गांधी को सीधे संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि सुनिए, राहुल बाबा… आप मोदी जी पर जितनी गालियां बरसाएंगे, जितना कीचड़ उछालेंगे, कमल उतना ही अधिक गौरव से खिलेगा, और हम राज्य में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) लाएंगे, जिससे तीन तलाक और चार विवाह करने की प्रथा समाप्त हो जाएगी। यह विवाद मंगलवार को तमिलनाडु चुनाव प्रचार के अंतिम दिन खरगे के भाषण के बाद शुरू हुआ, जब उन्होंने एआईएडीएमके के भाजपा के साथ गठबंधन की आलोचना की और प्रधानमंत्री मोदी को समानता में विश्वास न करने वाला आतंकवादी बताया, जिससे राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई।
खरगे ने बाद में स्पष्ट किया कि मैंने उन्हें आतंकवादी नहीं कहा… वे ईडी, सीबीआई और आयकर जैसी एजेंसियों के माध्यम से राजनीतिक विरोधियों को आतंकित कर रहे हैं और कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। भाजपा ने खरगे की टिप्पणियों की निंदा की और माफी की मांग करते हुए चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को निर्वाचन आयोग पहुंचा और उसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ‘‘आतंकवादी’’ संबंधी टिप्पणी के लिए उनके (खरगे) खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस प्रतिनिधिमंडल में निर्मला सीतारमण समेत तीन केंद्रीय मंत्री शामिल थे। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा, ‘‘आज हम आयोग के समक्ष उपस्थित हुए ताकि उसका ध्यान इस ओर आकर्षित किया जा सके कि कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति ने इतने निंदनीय शब्दों का प्रयोग किया है।’’ वित्त मंत्री ने कहा कि चुनावी राज्य तमिलनाडु में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए खरगे ने प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहा जो अत्यंत निंदनीय है।
