हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (एजेयूपी) के एक प्रखंड स्तरीय नेता को मई में पुलिस के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या चार हो गई है।
अधिकारी ने बताया कि नसीम शेख को शनिवार रात रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के मियांग्राम से गिरफ्तार किया गया। रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव छह अक्टूबर को होना है। यह सीट एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, क्योंकि उन्होंने नवादा सीट अपने पास रखने का फैसला किया था।
पार्टी ने उपचुनाव के लिए कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘यह मामला सात मई को शक्तिपुर में एजेयूपी की ओर से आयोजित कार्यकर्ता बैठक से जुड़ा है। पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर समेत कई नेताओं पर मंच से पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है, जिसके बाद शक्तिपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था।’’ एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘जांच के दौरान इस मामले में नसीम शेख की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
हम बयानों की जांच कर रहे हैं और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।’’ उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। हालांकि, कबीर ने दावा किया कि शेख को फंसाया गया है। एजेयूपी प्रमुख ने कहा, ‘‘वह मेरा दूर का रिश्तेदार है, पूर्व सैन्यकर्मी और एक कारोबारी है।
उसे फंसाया जा रहा है।’’ पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के एक निर्दलीय उम्मीदवार को शनिवार को 2021 के राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान दो समूहों के बीच हुई झड़प के पांच साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार उम्मीदवार सैफुल इस्लाम एजेयूपी जुड़े हुए हैं।
