फोटो परिचय- कान्हा गौशाला का निरीक्षण करतीं जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स।
234 गोवंश का रिकॉर्ड, 29 की मौत के बाद 205 मिले मौजूद
नर-मादा और बच्चों की संख्या अलग दर्ज करने के निर्देश, बीमार पशुओं के इलाज पर जोर
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। नगर पंचायत धाता के पूनी का पुरवा स्थित कान्हा गौशाला में बुधवार को जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने अचानक पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीएम के औचक निरीक्षण से गौशाला में तैनात कर्मचारियों में खलबली मच गई। उन्होंने मौके पर गोवंश की स्थिति देखने के साथ चारा, पानी, दवाओं, साफ-सफाई और अभिलेखों की हकीकत परखी।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने दवा, चूनी, खली व अन्य चारे के स्टॉक का मौके पर सत्यापन कराया। इसके साथ ही पशुओं के टीकाकरण, टैगिंग और उपचार की स्थिति की जानकारी ली। अभिलेखों की जांच में गौशाला में कुल 234 गोवंश दर्ज पाए गए, जबकि 29 पशुओं की मृत्यु हो चुकी है। वर्तमान में मौके पर 205 गोवंश मौजूद मिले।
गोवंश की संख्या में स्पष्टता लाने के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रत्येक पशु की वास्तविक गणना कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रजिस्टर में कुल संख्या के साथ नर, मादा और बच्चों का विवरण अलग-अलग दर्ज किया जाए। गौशाला में गोवंश के प्रवेश, बाहर भेजे जाने तथा मृत्यु से संबंधित रिकॉर्ड भी नियमित रूप से अपडेट किया जाए, ताकि अभिलेखों और मौके की संख्या में किसी तरह का अंतर न रहे।
गौशाला परिसर में पीपल और महुआ सहित बड़े वृक्ष देखकर डीएम ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में ये पेड़ गोवंश को प्राकृतिक छाया उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण हैं। निरीक्षण के दौरान कुछ बीमार पशु भी मिले, जिस पर उन्होंने पशु चिकित्सक से उपचार की जानकारी लेते हुए सभी बीमार गोवंश का समय से इलाज सुनिश्चित करने को कहा।
पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने पानी पीने के स्थान के आसपास खड़ंजा लगवाने के निर्देश दिए, ताकि कीचड़ की समस्या न हो और पशुओं को पानी पीने में परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने साफ-सफाई, चारा, पानी और दवाओं की व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि गौशाला में रह रहे प्रत्येक गोवंश की नियमित निगरानी की जाए और व्यवस्थाओं का लगातार सत्यापन होता रहे। उन्होंने अभिलेखों को व्यवस्थित रखने के साथ गौशाला की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी प्रवेंद्र कुमार, पशु चिकित्सक डॉ. प्रवीण सचान समेत संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
