फोटो परिचय- विकास भवन में आत्मदाह का प्रयास करने वाले पूर्व प्रधान को अपने साथ ले जाती पुलिस।
– सरकारी जमीन पर दुकानों के निर्माण को लेकर तीन साल से लगा रहे थे अधिकारियों के चक्कर
– कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से टली अनहोनी
– डीपीआरओ ने कहा, जांच के आधार पर जिला प्रशासन के निर्देश पर होगी कार्रवाई
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे और दुकानों के निर्माण की शिकायत पर लंबे समय से कार्रवाई न होने से नाराज पूर्व ग्राम प्रधान ने गुरुवार को विकास भवन में आत्मदाह का प्रयास किया। डीपीआरओ कार्यालय के बाहर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगाने की कोशिश करते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें रोक लिया।
गाजीपुर ग्रामसभा के पूर्व प्रधान अजय प्रताप सिंह उर्फ जबर सिंह का आरोप है कि गांव की सरकारी नजूल भूमि पर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की कथित मिलीभगत से विकास निधि के जरिए दुकानें बनवाई गईं और बाद में उनका आवंटन भी कर दिया गया। उन्होंने इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पूर्व प्रधान के मुताबिक, उन्होंने इस प्रकरण की शिकायत जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों से की थी। उनका दावा है कि जांच में अवैध निर्माण की बात सामने आने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। तीन वर्षों से लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिलने से क्षुब्ध होकर उन्होंने यह कदम उठाने का प्रयास किया।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी रामशंकर वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देशानुसार नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
