फोटो परिचय- कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों से संवाद करते आयोग के सदस्य।
जनप्रतिनिधियों से सीधे जुटाई सामाजिक-आर्थिक स्थिति की जानकारी
शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर दिए सुझाव
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जिले में पिछड़ा वर्ग की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का वास्तविक आकलन करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने गुरुवार को जनप्रतिनिधियों और संभ्रांत नागरिकों के साथ सीधा संवाद किया। महात्मा गांधी कलेक्ट्रेट सभागार में हुई गोष्ठी में आयोग ने जमीनी स्तर की समस्याएं सुनीं और पिछड़ा वर्ग के उत्थान को लेकर सुझाव जुटाए।
आयोग के नामित सदस्य सेवानिवृत्त जिला जज बृजेश कुमार, सेवानिवृत्त एडीजे संतोष कुमार विश्वकर्मा तथा सेवानिवृत्त आईएएस एसपी सिंह ने कहा कि सर्वेक्षण का उद्देश्य कागजी आंकड़ों के बजाय जनपद में पिछड़ा वर्ग की वास्तविक स्थिति को समझना है। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सीधे जानकारी ली जा रही है।
गोष्ठी में जिले के विभिन्न विकासखंडों से पहुंचे ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति आयोग के सामने रखी। प्रतिनिधियों ने पिछड़ा वर्ग के लोगों की शिक्षा, आर्थिक स्थिति, रहन-सहन, रोजगार और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़े मुद्दों पर जानकारी दी।
प्रतिनिधियों ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए शिक्षा के समान अवसर बढ़ाने के साथ लोगों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर मौजूद समस्याओं के समाधान और विकास की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।
आयोग सदस्यों ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की बातों को गंभीरता से सुना तथा प्राप्त सुझावों और फीडबैक को आयोग की प्रक्रिया में शामिल किए जाने की बात कही। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, भिटौरा व असोथर के ब्लॉक प्रमुख, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं संभ्रांत नागरिक मौजूद रहे।
