फोटो परिचय-  बारिश और तेज हवा से खेत में गिरी धान की फसल।

– तेज हवा के साथ हुई बारिश से पककर तैयार फसल जमीन पर गिरी

– खेतों में पानी भरने से दाने खराब होने का बढ़ा खतरा

– प्रभावित किसानों ने सर्वे कराकर आर्थिक सहायता देने की मांग की

CITY NEWS FATEHPUR

फतेहपुर(CNF)। मौसम का बदला मिजाज किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। करीब 36 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवाओं ने खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को प्रभावित कर दिया है। कई स्थानों पर तेज हवा के झोंकों से फसल खेतों में बिछ गई है। ऊपर से खेतों में जमा पानी ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। किसानों को आशंका है कि समय रहते पानी नहीं निकला तो गिरी हुई फसल सड़ने के साथ धान के दाने खराब हो सकते हैं।

हुसैनगंज क्षेत्र के पिलखनी गांव निवासी किसान राम सिंह चौहान की करीब आठ बीघे में तैयार धान की फसल बारिश और हवा की चपेट में आकर पूरी तरह जमीन पर गिर गई। किसान के अनुसार फसल कटाई के लिए तैयार थी और जल्द ही इसकी कटाई शुरू की जानी थी, लेकिन मौसम ने पूरी स्थिति बदल दी। खेत में पानी भरने के कारण अब गिरी फसल को सुरक्षित बचाना चुनौती बन गया है।

राम सिंह चौहान का कहना है कि धान की फसल पर परिवार की कई जरूरी आर्थिक जरूरतें निर्भर रहती हैं। तैयार फसल के खेत में गिर जाने से उन्हें काफी नुकसान की आशंका है। उनका कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से खेत का स्थलीय निरीक्षण कराकर क्षति का आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है।

बारिश का असर जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। जहां धान की फसल पकने के अंतिम चरण में थी, वहां तेज हवा के कारण पौधे जमीन पर बिछ गए हैं। खेतों में पानी जमा होने से किसानों को कटाई में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस समय फसल खेत में खड़ी रहने के बजाय सुरक्षित तरीके से काटकर घर पहुंचाने की जरूरत थी, लेकिन लगातार बारिश ने उनकी मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया।

फसल नुकसान की सूचनाओं के बाद राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने में जुटी हैं। प्रशासनिक स्तर पर खेतों में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि सर्वे के आधार पर वास्तविक क्षति सामने आने के बाद शासन की निर्धारित व्यवस्था के तहत उन्हें राहत मिल सकेगी। किसानों ने मांग की है कि सर्वे प्रक्रिया जल्द पूरी कराकर प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि मौसम की मार से हुए आर्थिक नुकसान की कुछ भरपाई हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Call Now