छबील लगाकर आमजन का गला तर कराते सिक्ख समुदाय के लोग।
– श्रद्धा व सेवाभाव के साथ मनाया शहीदी दिवस
– ठंडे-मीठे जल की छबील लगाकर भीषण गर्मी में गला कराया तर
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। सिखों के पांचवें गुरु, शांति, त्याग और मानवता के प्रतीक धन-धन श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस गुरुवार को गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में अत्यंत श्रद्धा, सम्मान एवं वैराग्यमयी वातावरण में मनाया गया। आयोजित विशेष गुरमत कीर्तन एवं कथा समागम में बड़ी संख्या में संगत ने उपस्थित होकर गुरु साहिब को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
समागम को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध सिख विद्वान ज्ञानी प्रीतम सिंह जी ने गुरु अर्जन देव जी के महान जीवन, अद्वितीय बलिदान और सिख इतिहास में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी की शहादत विश्व इतिहास की अनुपम मिसाल है। तपती तवी पर बैठकर और उबलते पानी की यातनाएं सहते हुए भी उन्होंने अकाल पुरख की रजा को स्वीकार किया तथा तेरा कीआ मीठा लागै के संदेश को अपने जीवन में चरितार्थ कर मानवता को सत्य, धैर्य और समर्पण का मार्ग दिखाया। ज्ञानी प्रीतम सिंह ने कहा कि गुरु साहिब ने श्री आदि ग्रंथ साहिब का संपादन कर पूरी मानवता को आध्यात्मिक ज्ञान का अनमोल खजाना प्रदान किया। साथ ही श्री हरिमंदिर साहिब की स्थापना के माध्यम से समाज में समानता, भाईचारे और जाति-पाति के भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया। शहीदी दिवस के अवसर पर गुरबाणी कीर्तन एवं कथा के साथ गुरु साहिब की तपती तवी की शहादत की स्मृति में संगत के लिए ठंडे-मीठे जल की छबील भी लगाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सेवा भाव से भाग लिया। समागम के अंत में संगत से गुरु साहिब के बताए शांति, सब्र, सेवा और नाम-सिमरन के मार्ग पर चलने तथा नई पीढ़ी को गौरवशाली सिख इतिहास से जोड़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के प्रधान नरिंदर सिंह रिक्की एवं चरनजीत सिंह की अगुवाई में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जतिंदर पाल सिंह, परमजीत सिंह राजू, मनजीत सिंह, परविंदर सिंह सोनी, वरिंदर सिंह, सेवा भारती से हिमांशु श्रीवास्तव, इशर कौर, हरविंदर कौर, हरजीत कौर, मंजीत कौर, जसपाल कौर, सेवादार हरमिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, मनमीत सिंह, हर्षित सिंह, कंवलजीत सिंह, वीर सिंह, खुशी सहित बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।
