प्राथमिक विद्यालय अल्लीपुर भादर प्रथम का जर्जर भवन।
– 56 साल पुराने भवन में 119 बच्चों की पढ़ाई, तीन कमरे अब भी खतरे की जद में
– शिकायतों के बावजूद नहीं हुई मरम्मत, नीलामी की प्रक्रिया भी अधर में
CITY NEWS FATEHPUR
खागा, फतेहपुर(CNF)। बारिश ने ऐरायां विकास खंड के अल्लीपुर भादर प्रथम प्राथमिक विद्यालय की बदहाल व्यवस्था सामने ला दी है। लगातार बारिश के बीच विद्यालय का प्रधानाचार्य कक्ष भरभराकर ढह गया। संयोग रहा कि हादसे के समय कमरे में बच्चे और शिक्षक मौजूद नहीं थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। एक कमरे के गिरने के बाद अब विद्यालय के उन तीन अन्य जर्जर कमरों को लेकर भी खतरा बढ़ गया है, जहां बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है।
सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के इस विद्यालय में 119 बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालय भवन का निर्माण वर्ष 1970 में कराया गया था। करीब 56 वर्ष पुराने भवन की हालत लंबे समय से खराब बताई जा रही है। प्रधानाचार्य रमेश चंद्र सोनकर के अनुसार भवन की जर्जर स्थिति को लेकर संबंधित विभाग को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई।
लगातार बारिश के कारण भवन में सीलन और पानी का असर बढ़ता गया। पहले प्लास्टर कमजोर हुआ और इसके बाद प्रधानाचार्य कक्ष की छत व दीवारें अचानक ढह गईं। घटना के बाद विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों में भी दहशत है। अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं जर्जर तीन अन्य कमरे भी बारिश का दबाव न झेल पाएं।
प्रधानाचार्य रमेश चंद्र सोनकर ने बताया कि कार्यालय कक्ष पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। विद्यालय के अन्य तीन कमरे भी जर्जर हैं। ऐसे में बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है।
नीलामी का आदेश, फिर भी नहीं हटा खतरा
सहायक अध्यापक संदीप गुप्ता ने बताया कि जर्जर कमरों में ही बच्चों की कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। सुरक्षित कमरों की कमी के कारण विद्यालय के सामने परेशानी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि करीब तीन माह पहले जर्जर भवन को नियमानुसार पंचायत प्रधान की ओर से नीलामी के लिए आदेश दिए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
हादसा हो गया, अब किसका इंतजार?
प्रधानाचार्य कक्ष के ढहने के बाद विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जब भवन की हालत पहले से जर्जर थी और विभाग को इसकी जानकारी भी दी जा चुकी थी, तो फिर समय रहते बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट क्यों नहीं किया गया? यदि जर्जर तीन कमरों में से कोई कमरा कक्षा संचालन के दौरान गिर गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
एक कमरा गिरने की घटना को महज बारिश से हुआ नुकसान मानकर नजरअंदाज करना 119 बच्चों की सुरक्षा पर भारी पड़ सकता है। ग्रामीणों और अभिभावकों की मांग है कि प्रशासन तत्काल विद्यालय भवन का तकनीकी निरीक्षण कराए और जर्जर कमरों में पढ़ाई बंद कराकर बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
