फोटो परिचय- पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व डीजी होमगार्ड डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला।
– युवाओं, महिलाओं और पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण व स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी
– एक गांव को मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना, सरकारी विभागों और बैंकों का लिया जाएगा सहयोग
– बिना गारंटी ऋण, ब्याज में छूट और प्रशिक्षण के दौरान मानदेय देने का प्रस्ताव
सिटी न्यूज फतेहपुर
फतेहपुर(CNF)। जिले में बेरोजगारी की समस्या को कम करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बेरोजगारी मुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत जिले में एक गांव को चयनित कर उसे रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार के क्षेत्र में मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देकर लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
पूर्व पुलिस महानिदेशक होमगार्ड डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला ने पुलिस लाइन स्थित गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभियान की कार्ययोजना साझा की। उन्होंने बताया कि चयनित गांव में युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों और पारंपरिक कारीगरों की क्षमताओं का आकलन कर उन्हें रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास होगा। साथ ही पात्र लोगों को प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया जाएगा।
अभियान का संचालन कमेटी फॉर सर्विस एंड डेवलपमेंट (सीएसडी) के अंतर्गत रोजगार संगठन फॉर अनएम्प्लॉयड (ईओयू) के माध्यम से किया जा रहा है। योजना के अगले चरण में ईओयू की जिला समिति स्थानीय संसाधनों, उपलब्ध सुविधाओं और रोजगार की संभावनाओं का अध्ययन कर गांव का चयन करेगी। इसके बाद ग्राम पंचायत, विकासखंड प्रशासन, जिला प्रशासन, संबंधित विभागों, बैंकों और प्रशिक्षण संस्थानों के समन्वय से रोजगार सृजन की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
कारीगरों और छोटे कारोबारियों पर रहेगा विशेष जोर
योजना में पारंपरिक कारीगरों और अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोगों को प्राथमिकता देने की तैयारी है। इसके तहत बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराने, ऋण पर 10 प्रतिशत की छूट देने तथा कारीगरों को 10 दिन का निःशुल्क प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया है। प्रशिक्षण अवधि में प्रतिदिन 500 रुपये मानदेय देने की भी योजना है। इन प्रस्तावों का उद्देश्य हुनरमंद लोगों को आर्थिक सहयोग देकर उनके रोजगार को स्थायी आधार प्रदान करना है।
डॉ. शुक्ला ने बताया कि अभियान को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने के संबंध में 24 अक्टूबर को मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना के साथ चर्चा की गई थी। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं को चिह्नित करने और प्रशासनिक सहयोग से कार्ययोजना बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। सीडीओ ने इस पहल को आगे बढ़ाने में सहयोग का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स को भी अभियान की जानकारी दी गई है।
इस दौरान इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अभिमन्यु सिंह, विपिन त्यागी, सीए बृज बिहारी शुक्ला, दिनेश तिवारी और सुनील त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
