आर्य समाज भवन के गेट पर खड़े आर्य प्रतिनिधि सभा के पदाधिकारी।
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। शहर के रोडवेज बस स्टॉप के समीप स्थित आर्य समाज भवन रविवार को उस समय विवादों के केंद्र में आ गया, जब आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भवन की संपत्ति पर कथित अवैध कब्जा, वित्तीय अनियमितताओं एवं संगठन के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आर्य समाज भवन के मुख्य द्वार पर नारेबाजी करते हुए तत्कालीन प्रबंधक राजा सिंह भदौरिया से कार्यभार लेकर प्रशासक को सौंपने की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि आर्य समाज भवन की संपत्तियों का निजी उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना था कि भवन परिसर में प्रबंधक के परिवार का निवास कराया गया है तथा संगठन की अनुमति के बिना निजी विद्यालय का संचालन भी कराया जा रहा है। इसके अलावा भवन की दुकानों से मनमाना किराया वसूले जाने और विवाह समारोह व विवाह प्रमाण पत्र के नाम पर 21 हजार से 51 हजार रुपये तक की धनराशि लिए जाने का भी आरोप लगाया गया। आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन ने फतेहपुर इकाई की कार्यकारिणी को भंग करते हुए श्रीचंद आर्य को प्रशासक तथा अशोक त्रिपाठी एवं राजेश मौर्य को सलाहकार नियुक्त किया है। साथ ही पूर्व प्रबंधक को तत्काल कार्यभार प्रशासक को सौंपने के निर्देश भी जारी किए गए थे। आरोप है कि आदेश के बावजूद कार्यभार नहीं सौंपा गया, जिसके विरोध में प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर प्रतिनिधिमंडल फतेहपुर पहुंचा और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराई। वार्ता के बाद प्रतिनिधियों ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। प्रदर्शन में योगेश प्रजापति, शुभम गुप्ता एडवोकेट, बाबूराम आर्य, राजू, अनिल कुमार, धर्मेंद्र कुमार, आचार्य लाल बहादुर, उमेश चंद्र वैदिक, बाल गोविंद सहित बड़ी संख्या में आर्य समाज के सदस्य मौजूद रहे।
