– खागा में रास्तों पर झुंड का कब्जा, अहमदपुर कुसुंभा में दर्जनभर से अधिक ग्रामीण घायल
CITY NEWS FATEHPUR
खागा, फतेहपुर(CNF)। कस्बे के कई मोहल्लों में बंदरों का आतंक लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। सुबह होते ही बंदरों के झुंड आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाते हैं और राहगीरों व स्थानीय लोगों पर हमला कर देते हैं। इनके काटने से दर्जनभर से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। बंदरों के बढ़ते आतंक से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में खासा डर बना हुआ है।
दर्जिन टोला, नौबस्ता रोड और रामनगर ब्राह्मण टोला में बंदरों के झुंड अक्सर छतों, गलियों और सड़कों पर घूमते दिखाई देते हैं। राहगीरों को दौड़ाकर काटने के साथ ही बंदर दुकानों से सामान उठाकर ले जाते हैं। मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
दर्जिन टोला निवासी मुकेश कुमार, बच्चा, रितेश और अंबर सहित अन्य पीड़ितों ने बताया कि बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन वन विभाग और नगर पंचायत की ओर से इन्हें पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान नहीं चलाया जा रहा है। ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई की मांग की है।
धाता संवाददाता के अनुसार, अहमदपुर कुसुंभा गांव में भी बंदरों के झुंड ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक दर्जनभर से अधिक लोगों को बंदर काटकर घायल कर चुके हैं। बंदर घरों की छतों और गलियों में घूमते रहते हैं तथा बच्चों व बुजुर्गों को देखते ही कई बार हमला कर देते हैं।
अचानक होने वाले हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। कई घायलों को उपचार के लिए अस्पताल तक जाना पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के डर से बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजना मुश्किल हो गया है। छतों पर कपड़े सुखाने और खाने-पीने का सामान रखने में भी परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने और प्रभावित इलाकों को इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
