एडीएम विनय पाण्डेय।
– खागा तहसील सबसे ज्यादा प्रभावित, 50 घर क्षतिग्रस्त; बिंदकी में 15 और सदर में दो मकानों को नुकसान
– अतिवृष्टि से तीन लोगों की मौत, 11 पीड़ित परिवारों तक पहुंची राहत की रकम
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। लगातार 15 दिनों से हो रही बारिश ने जिले में तबाही का आंकड़ा बढ़ा दिया है। अतिवृष्टि के चलते तीनों तहसीलों में अब तक 67 मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की जान जा चुकी है। बारिश से सबसे अधिक प्रभावित खागा तहसील रही, जहां 50 मकानों को नुकसान पहुंचा है। बिंदकी में 15 और सदर तहसील में दो मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
प्रशासन ने बारिश से प्रभावित परिवारों को राहत देने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 11 परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 30 मामलों से संबंधित फाइलें प्रशासन को मिल चुकी हैं, जबकि 26 मामलों में आवश्यक अभिलेख और लाभार्थियों की फाइलें अभी पहुंचना बाकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेज मिलते ही पात्र परिवारों को राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
लगातार बारिश के बीच अतिवृष्टि से जिले में तीन जनहानि भी हुई हैं। इनमें सदर तहसील क्षेत्र के दो और बिंदकी तहसील क्षेत्र का एक मामला शामिल है। दो मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं सदर तहसील क्षेत्र में हाल में हुई जनहानि के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
गांवों में छत का संकट, शहर में पानी का कब्जा
बारिश का असर सिर्फ ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है। गांवों में मकानों के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। दूसरी ओर शहर के कई हिस्से जलभराव की चपेट में हैं। सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रशासन और नगर पालिका की टीमें पंप लगाकर पानी निकालने में जुटी हैं। सफाई व्यवस्था भी कराई जा रही है। लगातार बारिश के कारण एसडीएम आवास परिसर भी जलभराव से अछूता नहीं रहा। परिसर में पानी भरने के बाद नगर पालिका की टीम और वाहन पानी निकालने में लगाए गए हैं।
नुकसान का आकलन जारी
प्रशासन की ओर से बारिश से हुए नुकसान का लगातार सर्वे कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त मकानों और जनहानि के मामलों में पात्र लोगों को शासन के नियमों के अनुसार राहत दी जा रही है। जिन मामलों की फाइलें अभी लंबित हैं, उनमें आवश्यक दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।
एडीएम विनय पाण्डेय ने बताया कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। पात्र परिवारों को नियमानुसार राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है। जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है और सफाई व्यवस्था भी कराई जा रही है।
