फोटो परिचय- पत्थरकटा से बिंदकी बस स्टाप रोड पर लगा भीषण जाम।
गड्ढों-मिट्टी के ढेर में फंसी शहर की चाल, चंद मिनट का सफर घंटों में
स्कूली बसें जाम में अटकीं, राहगीर बेहाल; यातायात संभालने में पुलिस भी हलकान
REPORT:- MOHSIN KHAN
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। शहर को बेहतर सीवर और पाइप लाइन व्यवस्था देने के नाम पर सड़कों की हो रही खुदाई अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं, किनारों पर मिट्टी के पहाड़ खड़े हैं और रास्ते लगातार संकरे होते जा रहे हैं। नतीजा यह है कि शहर की रफ्तार थम गई है और प्रमुख मार्गों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रह रही है।
पत्थरकटा से बिंदकी बस स्टाप मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कों पर हालात ऐसे हैं कि वाहनों की लंबी कतार लगते देर नहीं लगती। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे और बिखरी मिट्टी वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गई है। पैदल निकलने वालों के लिए फुटपाथ तक सुरक्षित नहीं बचे हैं। दोपहिया वाहन चालक गड्ढों और भारी वाहनों के बीच रास्ता तलाशते नजर आते हैं।
सबसे गंभीर स्थिति स्कूली बच्चों की है। स्कूल की छुट्टी के बाद बसें जाम में फंस जाती हैं और बच्चे काफी देर तक वाहनों के बीच बैठे रहने को मजबूर होते हैं। अभिभावकों की चिंता भी बढ़ रही है कि आखिर रोजाना बच्चों को जाम और खुदी सड़कों से कब तक गुजरना पड़ेगा।
सीवर और पाइप लाइन बिछाने के लिए एक के बाद एक सड़कें खोदी जा रही हैं, लेकिन खुदाई के बाद यातायात को सुचारु रखने के इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं। सड़क की चौड़ाई घटने के साथ ही वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। एक स्थान पर मामूली रुकावट होते ही पीछे तक वाहनों की लंबी कतार पहुंच जाती है।
जाम खुलवाने के लिए यातायात पुलिसकर्मियों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई स्थानों पर सीमित संख्या में यातायात कर्मी वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करते दिखाई देते हैं। गर्मी और उमस के बीच जाम में फंसे लोग व्यवस्था को कोसते हुए रास्ता खुलने का इंतजार करते रहते हैं।
शहरवासियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि सीवर लाइन का काम अभी शुरुआती चरण में है। यदि इसी तरह अलग-अलग मार्गों पर खुदाई का सिलसिला बढ़ा तो आने वाले दिनों में शहर की यातायात व्यवस्था किस स्थिति में पहुंचेगी, इसका अंदाजा मौजूदा हालात से लगाया जा सकता है। लोगों की मांग है कि निर्माण एजेंसियों के साथ यातायात व्यवस्था के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि विकास कार्य शहरवासियों के लिए रोजाना की परेशानी न बन जाए।
