पूर्व मंत्री रणवेन्द्र प्रताप उर्फ धुन्नी सिंह।
— हत्या के बदले दस बीघा जमीन, फॉर्च्यूनर और 50 लाख रुपये देने का दावा; पुलिस से कार्रवाई की गुहार
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। पूर्व राज्यमंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आई कथित धमकी भरी पोस्ट ने जिले की राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। फेसबुक पर वायरल पोस्ट में पूर्व मंत्री की हत्या करने वाले व्यक्ति को दस बीघा जमीन, फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये इनाम देने की बात कही गई है। पोस्ट सामने आने के बाद भाजपा नेताओं और समर्थकों में नाराजगी है। मामले में हथगाम मंडल प्रभारी की ओर से पुलिस को तहरीर देकर जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह पूर्ववर्ती सरकार में राज्यमंत्री रह चुके हैं। विधानसभा में वर्तमान में उनका प्रतिनिधित्व नहीं है, लेकिन क्षेत्रीय राजनीति में उनकी सक्रियता बनी हुई है। ऐसे में उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
हथगाम नगर पंचायत के तेहीपारा वार्ड नंबर-9 निवासी भाजपा मंडल अध्यक्ष गणेशी लाल साहू ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि फेसबुक पर धर्मवीर सिंह नाम की आईडी से पूर्व मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह को लेकर धमकी भरी पोस्ट की गई है। शिकायत के अनुसार पोस्ट में पूर्व मंत्री की हत्या करने वाले को कथित तौर पर दस बीघा जमीन, फॉर्च्यूनर वाहन और 50 लाख रुपये देने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पोस्ट में धमकी के साथ पूर्व मंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा और आपत्तिजनक टिप्पणियों का भी इस्तेमाल किया गया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस तरह की पोस्ट से न केवल पूर्व मंत्री की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हुई है, बल्कि उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को भी प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा नेता ने पुलिस से फेसबुक पोस्ट की सत्यता की जांच कराने, संबंधित आईडी संचालक की पहचान करने और मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पूर्व मंत्री की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है।
अब पुलिस के स्तर से सोशल मीडिया पोस्ट की जांच किए जाने का इंतजार है। पोस्ट वास्तव में किसने की, इसके पीछे क्या मंशा थी और मामला महज सोशल मीडिया गतिविधि है या किसी बड़ी साजिश से जुड़ा है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
