– एएसजे-03 गैंगस्टर कोर्ट ने सुनाया फैसला, 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
– पुलिस की मॉनिटरिंग और अभियोजन की पैरवी से मुकदमे को मिला निर्णायक अंजाम
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। गैंगस्टर एक्ट के पुराने मामले में न्यायालय ने अभियुक्त राजू तिवारी उर्फ बालकृष्ण तिवारी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। यह कार्रवाई पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मुकदमे की प्रभावी पैरवी के बाद संभव हुई।
असोथर थाना क्षेत्र के मटिहा गांव निवासी राजू तिवारी उर्फ बालकृष्ण तिवारी पुत्र कृष्ण कुमार तिवारी के विरुद्ध वर्ष 2007 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। थाना असोथर में दर्ज मु0अ0सं0 147/2007 में धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मुकदमे को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए पुलिस महानिदेशक के निर्देश और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लगातार निगरानी की गई। मॉनिटरिंग सेल, स्थानीय पुलिस और अभियोजन पक्ष के समन्वित प्रयासों के चलते मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और दस्तावेजों को प्रभावी ढंग से न्यायालय के समक्ष रखा गया।
गुरुवार को एएसजे-03 गैंगस्टर कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की पैरवी के आधार पर राजू तिवारी उर्फ बालकृष्ण तिवारी को धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट में दोषसिद्ध किया। न्यायालय ने उसे सात वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस के अनुसार अभियुक्त को सजा दिलाने में प्रभारी मॉनिटरिंग सेल निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अश्विनी वर्मा, कांस्टेबल रोहित राजावत, जितेन्द्र सिंह व विवेक कुमार, विवेचक उपनिरीक्षक रामनरेश यादव, पैरोकार कांस्टेबल गुलशन कुमार, कोर्ट मुहर्रिर हेड कांस्टेबल संदीप सिंह तथा अभियोजक एपीओ अमरजीत भारती का योगदान रहा।
