एक ट्रैवल अपडेट में अकासा एयर ने बताया कि सऊदी अरब में सुरक्षा की बदलती स्थिति को देखते हुए, जेद्दा और रियाद के लिए उसकी उड़ानों का निलंबन बढ़ा दिया गया है। जेद्दा के लिए यह निलंबन 10 नवंबर तक और रियाद के लिए 30 नवंबर तक लागू रहेगा। 23 अक्टूबर को एक्स पर एक पोस्ट में एयरलाइन ने कहा कि यह फैसला सऊदी अरब में मौजूदा सुरक्षा हालात और वहां के सुरक्षा माहौल का बारीकी से आकलन करने के बाद लिया गया है। एयरलाइन ने कहा, “सऊदी अरब में सुरक्षा की मौजूदा स्थिति और वहां के सुरक्षा माहौल का सावधानीपूर्वक आकलन करने के बाद, अकासा एयर ने इन जगहों के लिए अपनी उड़ानों का निलंबन बढ़ा दिया है: जेद्दा – 10 नवंबर, 2026 तक (इस दिन सहित); रियाद – 30 नवंबर, 2026 तक (इस दिन सहित)।” एयरलाइन ने आगे कहा कि वह हालात पर लगातार नज़र रख रही है और स्थिति का रियल-टाइम आकलन कर रही है। उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्री पूरा रिफंड ले सकते हैं, जो सात दिनों के भीतर उनके मूल भुगतान स्रोत (original source of payment) में वापस आ जाएगा। इसके अलावा, वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा को रीशेड्यूल (नई तारीख तय) भी कर सकते हैं। जिन यात्रियों ने ट्रैवल पार्टनर्स के ज़रिए बुकिंग की है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे मदद के लिए सीधे उनसे संपर्क करें।
अकासा एयर ने कहा, “हमारे यात्रियों और क्रू की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इस क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि सऊदी अरब में आम नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर हमले किए जा रहे हैं। इस बीच, विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को बताया कि सऊदी अरब में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास, वहां फंसे भारतीय तीर्थयात्रियों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में लगभग 3,000 उमराह तीर्थयात्री भारत लौट आए हैं, जबकि 10,000 से अधिक अन्य उमराह तीर्थयात्री भी उपलब्ध उड़ानों के जरिए अपने घर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनयिक मिशन अन्य तीर्थयात्रियों की जल्द से जल्द वापसी के लिए इंतजाम कर रहे हैं और सामुदायिक स्वयंसेवकों के जरिए मदद भी पहुंचा रहे हैं।
दूतावास और वाणिज्य दूतावास रियाद और जेद्दा में 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम चला रहे हैं और भारतीय नागरिकों को हालात की जानकारी देने के लिए लगातार एडवाइजरी जारी कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने इससे पहले सऊदी अरब में आम नागरिकों और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की थी। इनमें 21 अक्टूबर को दम्मम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सऊदी अरामको के शायबाह तेल क्षेत्र पर हुए हमले भी शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, दम्मम हवाई अड्डे की घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए, जबकि शायबाह तेल क्षेत्र पर हुए हमले में एक और भारतीय नागरिक घायल हुआ। भारत ने आम नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है और उम्मीद जताई है कि इस क्षेत्र में जल्द ही शांति और सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।
