प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित गांव कार्यक्रम 2026 के प्रतिभागियों से बातचीत की। इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों के 245 से अधिक जिलों से आए 5,000 से ज्यादा युवा वॉलंटियर्स पीएम मोदी के साथ जुड़े। इस दौरान युवाओं ने सीमावर्ती और दूरदराज के गांवों में अपने अनुभवों को प्रधानमंत्री के साथ साझा किया।
देश की बेटियों के बढ़ते भरोसे की मिसाल
बातचीत के दौरान निकिता सोलंकी ने रिकांग पिओ और हिमालयी सीमावर्ती गांवों में अपने सफर का अनुभव सुनाया। उन्होंने बताया कि माई भारत मंच के जरिए उन्हें एक छोटे से द्वीप से निकलकर दूर-दराज के पहाड़ों और गांवों तक जाने का मौका मिला। गांव वालों ने उन्हें बेहद प्यार दिया और अपनी बेटी की तरह स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां निडर होकर हर चुनौती का सामना कर रही हैं।
सोलो ट्रैवलिंग से मिला नया आत्मविश्वास
पीएम मोदी ने युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि आजकल सोलो ट्रैवलिंग का ट्रेंड काफी बढ़ रहा है। सोलो ट्रैवलिंग खुद को और दुनिया को बेहतर तरीके से समझने का एक जरिया है। उन्होंने कहा कि भले ही युवा अकेले इस यात्रा पर निकले थे, लेकिन माई भारत ने सबको एक परिवार से जोड़ दिया। पीएम मोदी ने कहा कि यह यात्रा भारत की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है और हमारी नीति यही है कि देश का हर युवा और बेटी इसी भरोसे के साथ आगे बढ़े।
2.3 करोड़ से ज्यादा युवाओं को मिला नया मंच
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव का प्रतिनिधित्व कर रहे MY Bharat वॉलंटियर दिव्यांशु जोशी ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इस पहल की वजह से उन्हें देश के सीमावर्ती गांवों को करीब से जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि विकसित भारत यूथ लीडर्स डायलॉग, युवा संसद और मेंटरशिप प्रोग्राम जैसी पहलों से देश के 2.3 करोड़ से ज्यादा युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और नेशन फर्स्ट की भावना से जुड़ने का मौका मिला है।
