फोटो परिचय-  पर्यावरण संरक्षण को लेकर बैठक करतीं डीएम निधि गुप्ता वत्स।

– फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के बिना धान काटते मिले कंबाइन हार्वेस्टर होंगे सीज
– डीएम ने एसडीएम को गांव-गांव जागरूकता और निगरानी के दिए निर्देश

CITY NEWS FATEHPUR

फतेहपुर(CNF)। धान कटाई के साथ पराली जलाने की बढ़ती आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने साफ किया है कि खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटना सामने आने पर सिर्फ संबंधित किसान ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार राजस्व लेखपाल भी कार्रवाई की जद में आएगा। वहीं फसल अवशेष प्रबंधन की व्यवस्था के बिना धान कटाई करते पाए जाने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को तत्काल सीज कर अर्थदंड लगाया जाएगा।

कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों और कृषक उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ पराली प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि धान कटाई के दौरान प्रत्येक कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ रेक, बेलर या अन्य अनुमन्य यंत्र का इस्तेमाल अनिवार्य कराया जाए।

उन्होंने कहा कि किसानों को फसल अवशेष जलाने के बजाय उसके उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जाए। जिन गांवों में पूर्व वर्षों में पराली जलाने की घटनाएं अधिक रही हैं, उन्हें चिन्हित कर वहां विशेष निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

डीएम ने सभी एसडीएम को राजस्व लेखपालों के माध्यम से गांवों में बैठकें आयोजित कर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और वैकल्पिक प्रबंधन की जानकारी देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांव स्तर पर निगरानी में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

बैठक में गौशालाओं के लिए भी फसल अवशेष के उपयोग पर जोर दिया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि पराली गौशालाओं को उपलब्ध कराने के इच्छुक किसानों की सूची तैयार कराई जाए और ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से उसे गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर ग्राम पंचायतों में पराली न जलाने के अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश मिले। वहीं विद्यालयों के माध्यम से भी विद्यार्थियों और अभिभावकों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।

मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने कहा कि पराली जलाने से वातावरण प्रदूषित होने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। किसानों को फसल अवशेष खेत में सड़ाने अथवा उचित तरीके से मिट्टी में मिलाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

उप कृषि निदेशक ने बताया कि जिले में न्याय पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व, जिला विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी समेत एफपीओ प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Call Now