फोटो परिचय- दिव्यांग बच्चों को फल वितरित करते अतिथि।
– 35 दिव्यांग बच्चों को बांटे गए फल, अतिथियों ने समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा को बताया सच्ची श्रद्धांजलि
– एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचारों पर वक्ताओं ने डाला प्रकाश
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। खंभापुर स्थित श्रीकृष्ण आदर्श विद्या मंदिर श्रवण बाधित एवं बौद्धिक अक्षमता दिव्यांग आवासीय विद्यालय में शुक्रवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती श्रद्धा और सामाजिक सरोकार के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने उनके विचारों, विशेषकर अंत्योदय और एकात्म मानववाद की अवधारणा को समाज के जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचाने पर जोर दिया।
समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि वरिष्ठ सभासद विनय तिवारी, विशिष्ट अतिथि सभासद प्रतिनिधि विवेक नागर, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं नगर अध्यक्ष भाजपा संजय कुमार तथा संस्था प्रबंधक सीताराम यादव ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद अतिथियों ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि विनय तिवारी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, प्रशिक्षण, पुनर्वास और सेवा समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को सहारा देना ही पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को वास्तविक रूप में आगे बढ़ाना है।
विशिष्ट अतिथि विवेक नागर ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें राष्ट्रवादी विचारक और कुशल संगठनकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की सोच से प्रेरित रहा।
संस्था प्रबंधक सीताराम यादव ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद और अंत्योदय का विचार आज भी समाज को जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा देता है। उन्होंने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। प्रधानाचार्य मनीष कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की ओर से आवासीय विद्यालय में रहने वाले 35 दिव्यांग बच्चों को फल वितरित किए गए। फल मिलने पर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर सुमन देवी, चैतन्य कुमार, सीमा देवी, विश्वेंद्र सिंह, पवन कुमार, सिंधू, नीतू संपत और सावित्री समेत विद्यालय के छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक मौजूद रहे।
