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फतेहपुर(CNF)। सरकारी राशन की दुकान का कोटा और सरकारी कॉलोनी में आवास दिलाने का लालच देकर महिलाओं से रकम ऐंठने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए घोषित इनाम को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया था। सर्विलांस टीम की तकनीकी मदद से पुलिस को आरोपी के कानपुर में छिपे होने की जानकारी मिली, जिसके बाद बिंदकी पुलिस और जिला सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक बिंदकी थाना क्षेत्र के गांव कुशारा निवासी सपना देवी पत्नी कृष्ण प्रताप सिंह समेत अन्य महिलाओं ने आरोपी के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत और जांच के आधार पर 22 फरवरी को बिंदकी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि निखिल विश्वकर्मा उर्फ गोलू ने महिलाओं को सरकारी राशन कोटे और सरकारी कॉलोनी में आवास दिलाने का भरोसा देकर उनसे रुपये लिए। इसके बाद कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज उपलब्ध कराकर उन्हें लंबे समय तक अपने झांसे में रखा।
साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तेज की तलाश
मामले की विवेचना के दौरान शिकायतकर्ताओं की ओर से उपलब्ध कराए गए लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों के साथ जिला पूर्ति निरीक्षक की रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की प्रथम दृष्टया पुष्टि हुई। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था।
25 हजार से बढ़कर 50 हजार हुआ इनाम
लगातार फरारी के चलते पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज परिक्षेत्र की ओर से इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। पुलिस टीम आरोपी की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
सर्विलांस से मिला कानपुर का सुराग
पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने के लिए स्थानीय स्तर पर सुरागरसी-पतारसी के साथ तकनीकी माध्यमों की मदद ली। इसी दौरान उसके कानपुर में छिपे होने की जानकारी मिली। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने कानपुर नगर के नौबस्ता दक्षिणी थाना क्षेत्र स्थित योगेंद्र विहार में घेराबंदी की। यहां मकान नंबर 1461 से पुलिस ने निखिल विश्वकर्मा उर्फ गोलू पुत्र रामकिशोर विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया।
