– सीने में दर्द और गले में तकलीफ के बाद अस्पताल लाई गई थी 60 वर्षीय प्रेमा देवी
– परिजनों का आरोप, बाहर से मंगवाए गए 780 रुपये के इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत
– सीएमएस ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया मामला, शिकायत के आधार पर जांच व कार्रवाई का दिया भरोसा
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब उपचार के दौरान 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का दावा है कि बाहर से मंगवाए गए इंजेक्शन के बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ी और कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया। हंगामे की सूचना पर मुख्य चिकित्साधीक्षक राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।
असोथर थाना क्षेत्र के कुसुम्भी गांव निवासी स्वर्गीय मुन्नीलाल की पत्नी प्रेमा देवी को बुधवार रात करीब 11 बजे अचानक सीने में दर्द और गले में तकलीफ की शिकायत हुई थी। गुरुवार को परिजन सरकारी एंबुलेंस से उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इमरजेंसी में चिकित्सकीय उपचार के दौरान उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद महिला को महिला वार्ड के बेड नंबर 33 पर भर्ती कराया गया।
परिजनों के मुताबिक वार्ड में भर्ती होने के करीब आधे घंटे बाद प्रेमा देवी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। जब तक परिजन कुछ समझ पाते, उनकी मौत हो गई। वृद्धा की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और इमरजेंसी में हंगामा करने लगे। इससे अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
मृतका की बहू प्रियंका देवी पत्नी बीरेन्द्र कुमार ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी में उपचार के दौरान उनसे बाहर से 780 रुपये का इंजेक्शन मंगवाया गया था। उनका कहना है कि इंजेक्शन लगने के बाद ही उनकी सास की हालत बिगड़ने लगी और महिला वार्ड में ले जाने के कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने मामले को लेकर मुख्य चिकित्साधीक्षक राजेश कुमार को शिकायती पत्र भी दिया है। इसमें इमरजेंसी में तैनात वार्ड ब्वाय प्रशान्त पाल और राजेश पर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार प्रशान्त पाल ने बाहर से इंजेक्शन मंगवाने के लिए लिखा था, जबकि वार्ड ब्वाय राजेश ने तीमारदार को इंजेक्शन की पर्ची दी थी।
मामले की जानकारी मिलने पर सीएमएस राजेश कुमार इमरजेंसी पहुंचे और आक्रोशित परिजनों से बातचीत की। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराने तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले को लेकर जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है।
