फोटो परिचय- भाकियू महात्मा टिकैत गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल तालान का स्वागत करते पदाधिकारी।
– एमएसपी को लेकर किसानों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग
– धर्म के नाम पर विभाजन से नहीं, गांव-खेत की मजबूती से होगी देश की तरक्की
– भूमि अधिग्रहण और व्यापार समझौतों को लेकर भी जताई चिंता
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत गुट के प्रथम स्थापना दिवस पर मंगलवार को नहर कॉलोनी परिसर में किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। जिलाध्यक्ष मधुसूदन तिवारी के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल तालान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके पहुंचने पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अनिल तालान ने संगठन को अराजनैतिक बताते हुए कहा कि यूनियन किसी सरकार के विरोध या समर्थन के बजाय किसानों के मुद्दों को उठाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से किसानों से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। एमएसपी को लेकर उन्होंने किसानों के आर्थिक नुकसान का मुद्दा उठाते हुए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य मिले तो वे आर्थिक संकट से उबरने और कर्ज चुकाने में अधिक सक्षम होंगे।
अनिल तालान ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में किसान और कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों के हितों की रक्षा किए जाने की जरूरत बताई। साथ ही हाल में हुए व्यापार समझौते को लेकर भी उन्होंने कृषि क्षेत्र और किसानों पर संभावित प्रभावों को लेकर चिंता जताई।
धर्म के नाम पर सामाजिक दूरी बढ़ाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि देश की खुशहाली के लिए समाज में आपसी सौहार्द जरूरी है। उनके मुताबिक देश की आर्थिक मजबूती का आधार खेत और किसान हैं, इसलिए किसान हितों को प्राथमिकता दिए बिना समग्र विकास संभव नहीं है।
कार्यक्रम में रामदत्त मिश्रा, राजेंद्र सिंह, रमाकांत, विपिन तिवारी, जय कुमार पांडेय, आमोद मिश्रा, कृष्ण सिंह, जय कुमार सिंह, राजेंद्र प्रजापति, राम बहादुर, नजाकत अली, रिंकी जायसवाल, गोविंद सिंह, पृथ्वी सिंह, संजय, रामलखन और दीपेंद्र सिंह चौहान समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
