– अदालत ने दोनों दोषियों पर लगाया छह-छह हजार रुपये का जुर्माना
– 2017 में खागा थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा, पुलिस की पैरवी पर आया फैसला
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। खागा थाना क्षेत्र में दहेज मृत्यु से जुड़े करीब नौ वर्ष पुराने मामले में अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए मृतका के सास-ससुर को दोषी करार दिया। एएसजे/एफटीसी-02 की अदालत ने रामबाबू उर्फ राबाबू और उसकी पत्नी आशा देवी को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर छह-छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2017 में वादी की तहरीर पर खागा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 119/17 दर्ज किया गया था। मामले में पाम्भीपुर निवासी रामबाबू उर्फ राबाबू पुत्र गंगादीन और उसकी पत्नी आशा देवी के खिलाफ धारा 498ए, 304बी भादवि तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की गई थी।
मामले की विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना और सजा सुनाई।
पुलिस विभाग के अनुसार मुकदमे की पैरवी में निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह, प्रभारी मॉनिटरिंग सेल, कांस्टेबल रोहित राजावत, जितेंद्र सिंह और विवेक कुमार की भूमिका रही। विवेचक सीओ सुरेंद्र कुमार, पैरोकार आरक्षी सर्वेश कुमार तथा कोर्ट मुहर्रिर आरक्षी योगेश यादव ने भी मामले की कार्रवाई में सहयोग किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अजय कुमार सिंह ने पैरवी की। पुलिस ने बताया कि साक्ष्यों के संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के चलते मामले में दोषसिद्धि संभव हुई।
