फोटो परिचय- लंबित मांगों के समर्थन में धरना देते लेखपाल।
– सदर तहसील में धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
– वेतन विसंगति, स्थानांतरण और पदोन्नति समेत कई मांगें उठाईं
CITY NEWS FATEHPUR
फतेहपुर(CNF)। लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील सदर इकाई ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर के माध्यम से भेजा गया। संघ ने मांगों पर जल्द निर्णय न होने की स्थिति में सात अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन और सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी।
धरने के दौरान लेखपालों ने कहा कि राजस्व विभाग में लगातार काम का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन संवर्ग की मूलभूत समस्याओं का समाधान लंबे समय से नहीं किया गया है। संघ ने वेतन विसंगति दूर करने, प्रारंभिक वेतनमान को 2800 ग्रेड पे किए जाने तथा अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की मांग उठाई।
ज्ञापन में बताया गया कि पिछले करीब आठ वर्षों से अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया लंबित है। संघ के मुताबिक लगभग 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद अथवा गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर तैनात हैं। इससे कर्मचारियों को पारिवारिक एवं व्यक्तिगत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लेखपालों ने चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने तथा चयन वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित कर नवनियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण किए जाने की मांग भी रखी। इसके साथ ही कई वर्षों से लंबित भत्तों में वृद्धि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने स्टेशनरी भत्ता बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह और मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह किए जाने समेत अन्य भत्तों में वृद्धि की मांग की।
धरने के दौरान लेखपालों ने अयोध्या की सोहावल तहसील में 20 अगस्त को ग्राम पंचायत भवन में सरकारी कार्य कर रहे लेखपाल से संबंधित एंटी करप्शन टीम की ट्रैपिंग की घटना का भी उल्लेख किया। संघ ने ऐसे मामलों के मद्देनजर फील्ड में काम करने वाले लेखपालों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की।
संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि शासन स्तर से मांगों के निस्तारण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो सात अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। संघ ने कहा कि आंदोलन के चलते प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने और आम जनता को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी शासन स्तर की होगी।
धरने में तहसील अध्यक्ष हरिगोविन्द सिंह, मंत्री प्रदीप कुमार, आशुतोष सिंह, धरमवीर सिंह, नागराज सिंह, आरती, अनामिका, अनीस, यश पाण्डेय, आकाश कुमार, मनोज कुमार, ज्ञानेन्द्र, अंकित यादव, अंकित कुमार सहित अन्य लेखपाल मौजूद रहे।

