मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच रविवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर झूठ बोलने व भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस ‘‘निंदनीय कृत्य’’ के लिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। यादव ने प्रदेश मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बैठक और उसके बाद जारी बयान के बाद निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े करने का कोई औचित्य नहीं रह गया।
यादव ने कहा कि इससे स्पष्ट हो गया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने एसआईआर से संबंधित फैसले एकतरफा नहीं लिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राहुल गांधी को तुरंत माफी मांगनी चाहिए और पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पूरी कांग्रेस को भी देश से माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को राहुल गांधी को इस तरह के व्यवहार से रोकना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस सत्ता से बाहर रहने के कारण बौखलाई हुई है, इसलिए वह लगातार निंदनीय कृत्य कर रही है। जनता पार्टी के झूठ को बहुत करीब से देख रही है। अब उसका झूठ फिर से बेनकाब हुआ है।’’ ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित एक खबर में दावा किया गया था कि निर्वाचन आयोग के दो आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों पर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं।
खबर के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और प्रक्रियागत बदलावों को लेकर सवाल उठाए गए थे। दोनों आयुक्तों ने आयोग के कुछ कदमों को ‘‘अनधिकृत’’ और ‘‘अवैध’’ भी बताया था। मुख्यमंत्री ने इन खुलासों पर राहुल गांधी की ओर से शुक्रवार को दिल्ली में किए गए संवाददाता सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा निर्वाचन आयोग और उच्चतम न्यायालय जैसे लोकतंत्र के आधारस्तंभों पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 और एसआईआर पर निर्वाचन आयोग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है और विपक्ष को उच्चतम न्यायालय में भी इस मुद्दे पर ‘‘मुंह की खानी पड़ी’’ है। यादव ने कहा, ‘‘फिर भी नेता प्रतिपक्ष झूठ बोल रहे हैं और भ्रम फैला रहे हैं। उन्हें पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की हालत देखनी चाहिए।
लोकतंत्र को संभालने की जिम्मेदारी विपक्ष की भी है।’’ उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद भी राहुल गांधी का सवाल उठाना यह साबित करता है कि वह देश की संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं करते। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि ऐसा करके राहुल गांधी क्या करना चाहते हैं, जबकि दुनिया का सबसे खूबसूरत लोकतंत्र इन्हीं स्तंभों की वजह से बचा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के पात्र नागरिकों को मताधिकार देने और लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए भाजपा निर्वाचन आयोग के साथ है।
यादव ने कहा कि कांग्रेस आज निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रही है, लेकिन उसे अपने राजनीतिक सफर और प्रदर्शन पर भी आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘आज आवश्यकता आयोग पर आरोप लगाने की नहीं बल्कि कांग्रेस को यह समझने की है कि जनता का उसके प्रति विश्वास क्यों कम होता जा रहा है। राहुल गांधी को भी आरोप लगाने से पहले तथ्यों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।’’ यादव ने कहा, ‘‘लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है।
कांग्रेस को चाहिए कि वह आरोप-प्रत्यारोप के बजाय अपनी संगठनात्मक कमियों का मूल्यांकन करे, आत्मचिंतन करे और जनता के बीच अपना विश्वास मजबूत करने का प्रयास करे।’’ खंडेलवाल ने इस अवसर पर कहा कि राहुल गांधी का ‘‘अराजक राजनीति’’ करने और संवैधानिक संस्थाओं पर हमले का पुराना इतिहास रहा है तथा बार-बार ‘‘मुंह की खाने’’ के बाद भी वह लोकतांत्रिक मूल्यों को लांघने का काम करते हैं।
